25 वर्षों से देश की सेवा कर रहा हूँ; हमारी नीतियाँ हमेशा युवा केंद्रित रहीं – प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि वे पिछले 25 वर्षों से वे अपनी क्षमता के अनुसार देश की सेवा कर रहे हैं। नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज (24 अक्टूबर, 2026) चिन्मय अमृत महोत्सव वैश्विक सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा हमेशा सरकार की नीतियों के केंद्र में रहे हैं।
श्री मोदी ने नई शिक्षा नीति को नए भारत की जरूरत के अनुसार बताया और कहा कि यह नीति देश की शिक्षा व्यवस्था को जोड़ने के लिए शुरू की गई है। यह नीति भारत की समृद्ध परंपराओं और ज्ञान के साथ-साथ विज्ञान और उभरती प्रौद्योगिकियों के बारे में अध्ययन पर बल देती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी संस्थाओं को मिलकर देश की प्रगति और राष्ट्र गौरव को बढ़ाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने विभाजनकारी तत्वों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि इनके खिलाफ हमारा एकजुट होना आवश्यक है। आत्मनिर्भर भारत और 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प प्रत्येक भारतवासी का है, इसके लिए सभी को एक साथ आना चाहिए।
श्री मोदी ने कहा कि देश की सांस्कृतिक विरासत की पुनर्स्थापना की जा रही है। आज दुनिया भर में भारत के सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक स्तरीय मान्यता प्राप्त हो रही है। यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों की सूची में भारत के सांस्कृतिक स्थल तेजी से अपना स्थान बना रहे हैं।
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में भारत समेत दुनिया भर के करीब नौ हजार प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। चिन्मय मिशन के 75 वर्षों के उपलक्ष्य में पिछले साल शुरू हुए इस समारोह का यह सम्मेलन समापन है।

