‘वंदे मातरम्’ पर कांग्रेस ने स्पष्ट किया अपना रुख, पार्टी गाएगी मात्र दो छन्द
- न्यूज़ डेस्क
- 19/08/2026
- राजनीति
- कांग्रेस, भाजपा, वंदे मातरम्
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‘वंदे मातरम्’ के सम्पूर्ण गायन को लेकर कांग्रेस विवादों में घिर गई है। इस बीच पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह राष्ट्रीय गीत का सम्पूर्ण गायन नहीं करेगी। वह केवल प्रारम्भिक दो छन्दों का ही गायन अपने कार्यक्रमों में करेगी।
कांग्रेस ने कहा कि वह स्वतंत्रता से पूर्व कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा तय कीं गईं पंक्तियों का ही गायन करेगी। पार्टी ने इसे अपनी भावनाओं से जुड़ा हुआ बताया। कहा, हम वही ‘वंदे मातरम्’ गा रहे हैं जिसे महात्मा गांधी जी, पंडित नेहरू जी और सरदार पटेल जी ने गाया था।
कांग्रेस कार्यसमिति ने बुधवार (19 अगस्त, 2026) को एक प्रस्ताव पारित किया। इस प्रस्ताव के अनुसार पार्टी ‘वंदे मातरम्’ कीं केवल उन्हीं पंक्तियों का गायन करेगी जिन्हें 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा तय किया गया था।
इस विवाद की शुरुआत 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी द्वारा राष्ट्रगीत के तथाकथित अपमान से हई थी। आरोप यह था कि श्रीमती गांधी ने राष्ट्रगीत के सम्पूर्ण गायन को बीच में ही रोकने का प्रयास किया था। हालांकि पार्टी ने बाद में इसे नकार दिया।
‘वंदे मातरम्’ पर कांग्रेस पार्टी के इस रुख पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी ने इसे शर्मनाक बताया और इसकी कड़ी आलोचना की है।
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा पारित प्रस्ताव बहुत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्वयं को संविधान और देश से ऊपर मानती है। उसके लिए पार्टी और पार्टी का प्रस्ताव को देश की संसद से पारित कानून से भी ऊपर है।
श्री त्रिवेदी ने कांग्रेस पार्टी की तुलना मुस्लिम लीग से करते हुए कहा कि वह आज की नई मुस्लिम लीग बन गई है। 1937 में ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जो जिद मुस्लिम लीग की थी, आज वही जिद कांग्रेस की है।


