संकट की हाई-टेंशन लाइन
- संपादकीय कक्ष
- 05/08/2026
- संपादकीय
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संपादकीय कक्ष। बच्चों की जिंदगी को खतरे में दर्शाता यह आंकड़ा बहुत गंभीर है कि उत्तर प्रदेश के लगभग 04 हजार स्कूलों के ऊपर से हाई-टेंशन बिजली की लाइनें निकली हुई हैं।
प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए इसे गंभीर खतरा माना है। यह संकट एक प्रकार से उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन की लापरवाही की उपज है। कोर्ट ने कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक को पक्षकार बनाते हुए विस्तृत उत्तर मांगा है।
ऐसा नहीं है कि यह संकट मात्र विद्यालयों तक ही सीमित है बल्कि इसकी सीमा में खेत-खलिहान, घनी जनसंख्या वाले क्षेत्र और सड़क मार्ग आदि भी हैं।
कई बार इन लाइनों के टूटने से जान-माल की हानि भी होती देखी गई है। शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कॉरपोरेशन और संबंधित विभागों की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इससे पहले कि कोई बड़ी दुर्घटना हो जिम्मेदार व्यक्तियों को इस विषय में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है।
बच्चे देश का भविष्य होते हैं, उनके जीवन से यूं खिलवाड़ नहीं होनी चाहिए। आशा करते हैं कि जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग इस विषय को गंभीरता से लेकर इसके निवारण हेतु ईमानदारी से प्रयास करेंगे।


