विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
- न्यूज़ डेस्क
- 14/08/2026
- राष्ट्रीय
- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस
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भारत में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस 14 अगस्त को प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। यह दिवस 14 अगस्त, 1947 में हुए भारत विभाजन के परिणामस्वरूप, इसी भूमि के लोगों के द्वारा उस दौरान सहे कष्टों को याद करने के लिए मनाया जाता है। यह कोई सामान्य घटना नहीं थी, यदि इसे उस समय की एक सबसे बड़ी मानव त्रासदी कहा जाए तो भी अतिशयोक्ति नहीं होगी।
इस दिवस को पहली बार 2021 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद मनाया गया था। प्रधानमंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा था कि देश आजादी का उत्सव मनाते हुए विभाजन के दर्द को नहीं भूल सकता।
मोदी सरकार की इस पहल के बाद 14 अगस्त को विभाजन की त्रासदी को याद करने के लिए एक अलग राष्ट्रीय स्मृति दिवस के रूप में पहचान मिली। आज प्रधानमंत्री ने इस दिवस को पुनः याद करते हुए एक्स पर लिखा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर उन सभी देशवासियों का हृदय से नमन, जिन्होंने उस वीभत्स दौर से निकलकर देश की प्रगति में अमूल्य योगदान दिया। उन्होंने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्पों को सिद्ध किया जाता है। आइए, सद्भावना और एकजुटता की राष्ट्रीय भावना को और सशक्त करें।”
इस दिवस के माध्यम से हम याद करते हैं भारतवासियों की उस पीड़ा को जब उनके सामने उनके ही देश का विभाजन कर दिया गया। लाखों लोग इस त्रासदी के समय में विस्थापित हुए। इससे भी अधिक पीड़ादाई यह था कि जिहादी उन्माद ने अनगिनत शवों के ढ़ेर लगा दिए। इसके साथ ही महिलाओं और बच्चों पर किये गए अत्याचार, जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।
आज यह आवश्यक हो गया है कि हम भूतकाल में घटी इस भयावह घटना से सीख लें। चिंतन करें और अन्य लोगों को इसके सत्य से अवगत कराएं। स्मरण रखिए कि हम जिस स्वतंत्र भारत में स्वास ले रहे हैं, इस स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए अनगिनत लोगों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था।


