भारत ने UN को क्यों लताड़ा? कहा, गलत है बेन सॉल की रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक द्वारा दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को ‘भारत आधारित’ बताना UN को ही भारी पड़ गया। भारत ने जताई कड़ी आपत्ति और गिना डालीं रिपोर्ट में कई गलतियाँ।
संयुक्त राष्ट्र के एक विशेष प्रतिवेदक ने कुख्यात गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी को ‘भारत आधारित’ समूह बताया। इस पर भारत ने यूएन को जमकर सुनाया और इस दावे को सिरे से नकार दिया।
भारत ने अपनी बात रखते हुए रिपोर्ट में कई बड़ी गलतियों की ओर संकेत किया और यह चेतावनी दी कि इस प्रकार की अक्षमता से यूएन जैसी वैश्विक संस्था को भारी नुकसान होता है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने बुधवार (22 अक्तूबर, 2026) को संयुक्त राष्ट्र महासभा की तीसरी बैठक में स्पेशल रैपोर्टियर बेन सॉल की रिपोर्ट को तथ्यात्मक रूप से गलत बताते हुए कड़ा उत्तर दिया।
श्री पूरी ने कहा, “मेरा प्रतिनिधि मण्डल इस बात को कई मंचों पर दोहराता रहा है कि विशेष प्रतिवेदक (एसआर) द्वारा तथ्यात्मक रूप से गलतियों वाली रिपोर्ट जारी करना और इसके लिए उन्हें जवाबदेह न ठहराया जाना, एक अस्वीकार्य स्थिति है।“
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2003 में यूएन ने एक आपराधिक समूह भारत-आधारित डी-कंपनी के नेता को अल-कायदा से जुड़ा होने के कारण अपनी सूची में धामिल किया गया था। पूरी ने कहा कि यह वास्तविकता के बिल्कुल विपरीत है।
श्री पुरी ने डी-कंपनी को भारत आधारित बताए जाने को सिरे से नकार दिया। कहा, यह आपराधिक संगठन और इसका सरगना दाऊद इब्राहिम दोनों ही 1993 से भारत में वांछित हैं।
उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति 2003 की लिस्टिंग से बहुत पहले भारत से भाग चुका था और आतंकी संगठनों से जुड़ा होने के कारण लिस्ट में जोड़ा गया था।
श्री पूरी ने कहा कि दाऊद उसी देश में छिपा है, जिस देश में ओसामा मिला था और मारा गया था। बता दें कि 2011 में ओसामा पाकिस्तान के एबटाबाद में एक अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान मारा गया था।

