सर्वोच्च न्यायालय ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में किया दोषमुक्त
- न्यूज़ डेस्क
- 29/07/2026
- नई दिल्ली
- मनमोहन सिंह, सुप्रीम कोर्ट
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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 जुलाई, 2026) को दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के विरुद्ध चल रहे कोयला ब्लॉक आवंटन मामले को समाप्त कर दिया। इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय ने स्पेशल कोर्ट के उस आदेश (11 मार्च, 2015) को भी निरस्त कर दिया, जिसमें उन्हें आरोपी के रूप में समान जारी किया गया था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत (सीजेआई), न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की पीठ ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अंतिम रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को दोषमुक्त कर दिया। सीजेआई की अध्यक्षता वाली इस पीठ स्पष्ट कहा कि सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट को खारिज करने के पीछे कोई ठोस आधार नहीं था।
एक वकील द्वारा इस निर्णय के प्रभाव के बारे में पूँछे जाने पर सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय केवल पूर्व प्रधानमंत्री तक ही सीमित है और अन्य आरोपियों से जुड़े मामलों पर इसका कोई प्रभाव नहीं होगा।
स्पेशल सीबीआई कोर्ट (11 मार्च 2015) ने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और पूर्व प्रधानमंत्री सहित अन्य पांच लोगों को आईपीसी (सेक्शन 120-बी, सेक्शन 409) के अंतर्गत क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट समेत अपराधों के लिए ट्रायल का सामना करने के लिए समन किया गया था। ये पूरा मामला तालाबीरा-2 कोल ब्लॉक के एलोकेशन (2005) के संबंध में था, जिसपर सर्वोच्च न्यायालय ने रोक (1 अप्रैल, 2015) लगा दी थी।
डॉ. मनमोहन सिंह का निधन 27 दिसंबर 2024 को हो गया था, परंतु इस आपराधिक मामले से वह अब (11 वर्षों बाद) जाकर औपचारिक रूप से दोषमुक्त हुए हैं।


