80वां स्वतंत्रता दिवस: पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किया शक्ति की सप्त धारा का आह्वान
- न्यूज़ डेस्क
- 15/08/2026
- राष्ट्रीय
- पीएम मोदी, लाल किला, स्वतंत्रता दिवस
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज (15 अगस्त, 2026) 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र को लाल किले की प्राचीर से संबोधित किया। उन्होंने अपने सम्बोधन में भारत के सपनों, संकल्पों, और सामर्थ से लेकर भविष्य कीं संभावनाओं तक, देश की प्रगति से लेकर आने वालीं चुनौतियों तक, सौर ऊर्जा से परमाणु और हाइड्रोजन ऊर्जा तक, किसानों से लेकर उद्यमीयों, युवा शक्ति से लेकर नारी शक्ति तक, शिक्षा और स्वास्थ्य से लेकर भारत की रक्षा एवं सुरक्षा तक सभी को सम्मिलित कर एक समग्र रूप में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए सप्त धारा का मंत्र दिया।
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उन्होंने सर्वप्रथम सभी देशवासियों को भारत के राष्ट्रीय पर्व की अनेकानेक शुभकामनाएं दीं और कहा कि आज हम सभी के दिलों की धड़कन वंदे मातरम के नाद से गूंज रही है। आज हर घर तिरंगा है, हर मन तिरंगा है और देश उत्साह और उमंग के साथ नए संकल्पों को लेकर के आज आगे बढ़ रहा है। आज स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद लाल किले पर पहली बार वंदे मातरम गूंज रहा है, यह बड़ा उत्तम अवसर है।
प्रधानमंत्री ने देश के कुछ हिस्सों में आई बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया और कहा कि हम आपका दुख-दर्द भलिभांति अनुभव कर सकते हैं। मैं आपको विश्वास दिलाना चाहता हूं कि हमारे साथ-साथ इस कठिन घड़ी में पूरा देश आपके साथ खड़ा है।
श्री मोदी ने कहा, “जब दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है, तो यह दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है”। हमें छोटे सपनों के साथ नहीं बल्कि बड़े सपनों को लेकर आगे बढ़ना है, जो हमारी सोच को विस्तार दे। जब हमारे सपने और संकल्प ऊंचे होते हैं, तब जाकर के हम सपनों को साकार कर सकते हैं।
आप सभी देशवासियों के ही प्रयास का परिणाम है कि 12 साल के भीतर हम फ्रेजाइल फाइव की इकोनॉमी से मेजर इकोनॉमी में फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी बन गए हैं। इन 12 वर्षों में डिफेंस प्रोडक्शन, खादी और ग्राम उद्योग का उत्पादन, इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग, आधुनिक रेलवे कोच का निर्माण, मोबाइल फोन उत्पादन आदि में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। देश ने लगभग हर क्षेत्र में नए कीर्तिनमान स्थापित किये हैं। यह दर्शाता है कि हम आगे बढ़ने वाले हैं।
हमारा 2047 में विकसित भारत बनने का संकल्प कभी भी अधूरा नहीं रह सकता है। इसके लिए हमें आत्मविश्वास और आत्म गौरव के साथ-साथ भारत को आत्मनिर्भर बनने की आवश्यकता है। सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए भारत में आज तीन सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हो चुके हैं। प्रधानमंत्री ने इस क्षेत्र में भारत को पूर्णरूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले सात-आठ वर्ष में 5 से 7 या 8 सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होने की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि भारत क्रिटिकल मिनरल , सेमीकंडक्टर, परमाणु ऊर्जा और सौर ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), कच्चे तेल पर निर्भरता घटाने और समुद्र के अंदर जाकर एक्सप्लोरेशन करने आदि की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 50 लाख से अधिक घरों में सोलर एनर्जी के कारण उनका बिजली बिल शून्य हो गया है।
श्री मोदी ने भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में पहली हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू हो चुकी है।
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